मुद्रा एवं विनिमय प्रणाली
विनिमय प्रणाली विनिमय का अर्थ होता है लेन-देन या अदला-बदली करना। वह व्यवस्था जिसकी मदद से हम लेनदेन कर सकें, विनिमय प्रणाली कहलाता है।
विनिमय प्रणाली के प्रकार
वस्तु विनिमय प्रणाली- यह लेनदेन की वह व्यवस्था है ,जिसमें वस्तुओं की अदला-बदली की जाती है। जैसे किसी व्यक्ति के पास आलू है और उसे प्याज की आवश्यकता है ,तो जिसके पास प्याज होगा, उसके साथ आलू प्याज की अदला-बदली की जा सकती है।
वस्तु विनिमय प्रणाली की समस्या यह है कि जिस वस्तु की आप अदला-बदली कर रहे हैं उस वस्तु की आवश्यकता दूसरे व्यक्ति को ना हो तब की स्थिति में आप लेनदन नहीं कर सकते।
प्राचीन समय में इसी प्रणाली से वस्तुओं का लेनदेन किया जाता था, लेनदन की समस्या को दूर करने के लिए मुद्रा का आविष्कार हुआ।
मुद्रा क्या है
मुद्रा वह चीज है जो शासन के द्वारा मान्यता प्राप्त होता है जिसके माध्यम से लेन-देन किया जाता है। यह विनिमय का माध्यम है।
मुद्रा की विशेषताएं-
- यह विनिमय का एक माध्यम है जिसकी मदद से हम लेनदेन कर सकते हैं।
- यहां किसी वस्तु के मूल्य का मापक होता है।
- मुद्रा को भंडारित किया जा सकता है।
- मुद्रा की मदद से हम भुगतान को स्थगित कर सकते हैं क्योंकि मुद्रा का मूल्य स्थिर होता है।
- सर्वप्रथम सोने के सिक्के हिंदी यूनानी या इंडो यूनानी ने चलाया।
- शुद्ध सोने के सिक्के कुषाणों ने चलवाया ।
- सर्वाधिक सोने के सिक्के गुप्त काल में चली।
- रुपए का सिक्का सर्वप्रथम शेरशाह सूरी ने चलाया।

