भारत का बैंकिंग इतिहास
भारत में बैंक की स्थापना ब्रिटिश काल में 18 वीं शताब्दी से प्रारंभ होता है । बैंक ऑफ हिंदुस्तान भारत का पहला बैंक 1770 ई में खोला गया।
- 1770 ई - बैंक ऑफ हिंदुस्तान, भारत का पहला बैंक
- 1806 ई - बैंक ऑफ़ कोलकाता जिसका 1809 ईस्वी में नाम बदलकर बैंक ऑफ बंगाल रखा गया।
- 1840 ई - बैंक ऑफ बॉम्बे की स्थापना।
- 1843 ई - बैंक ऑफ मद्रास की स्थापना।
- 1921 ई - बैंक ऑफ बंगाल , बॉम्बे एवं मद्रास को मिलाकर इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया रखा गया । यह एक निजी स्वामित्व वाला बैंक था , जो एक वाणिज्यिक बैंक था । इसके अलावा बैंकों का नियंत्रण एवं विनियमन का भी काम करता था ।
- 1926 ई - रॉयल कॉमिशन को स्थपना । इसे हिल्टन आयोग भी कहा जाता है ।
- 1934 ई - हिल्टन आयोग की सिफारिश पर एक केंद्रीय बैंक की स्थापना हेतु आरबीआई एक्ट 1934 अधिनियम पारित किया गया ।
- 1अप्रैल 1935 - रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना की गई । बैंकों पर नियंत्रण का कार्य आरबीआई को सौंप दी गई । अब इपेरिअल बैंक ऑफ इंडिया विशुद्ध रूप से एक वाणिज्यिक बैंक बन गया ।
- 1949 ई - बैंकिंग अधिनियम 1949 पारित किया गया ।आरबीआई का राष्ट्रीयकरण किया गया ।
- 1956 ई - इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण करके इसका नया नाम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया रखा गया ।
- 1969 ई - 14 बड़े बैंको का राष्ट्रीयकरण ।
- 1975 ई - क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना ।
- 1980 ई - 6 बड़े बैंकों का राष्ट्रीयकरण ।
अन्य
- आईडीबीआई (IDBI) की स्थपना - 1964 ई
- नाबार्ड(NABARD) की स्थापना - 12 जुलाई 1982 ई । इसका पूरा नाम राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक है(national bank of agriculture and rural development ) । जिसका प्रमुख कार्य ग्रामीण क्षेत्र में कृषि एवं क्षेत्र के विकास हेतु वित्त उपलब्ध कराना है । मुख्यालय - मुम्बई ।
- सिडबी (SIDBI) की स्थापना - 2 अप्रैल 1990 ।
- एक्सिम (EXIM) की स्थापना - 1982 ई
- सेबी (SEBI ) की स्थापना - 1992 ई

