आर्थिक नियोजन
देश के लोगों के कल्याण के लिए उपलब्ध संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग किस प्रकार हो , इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु बनाई गई योजना आर्थिक नियोजन कहलाता हैं। जिससे देश का सतत विकास एवं लोगों का जीवन स्तर सुधरे।
आर्थिक नियोजन के उद्देश्य-
- देश का आर्थिक विकास
- देश की आत्मनिर्भरता
- गरीबी दूर करना
- रोजगार देना
- सामाजिक न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा
- अवसर की समानता
आर्थिक नियोजन का वर्गीकरण -
आदेशात्मक नियोजन
ऐसी योजना जिसमें योजना की रूपरेखा राज्य सरकार बनाती है उसका प्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण होता है।
निदेशात्मक नियोजन
ऐसी योजना जिसमें राज्य सरकार की भूमिका सांकेतिक एवं परोक्ष रूप से होता है।
संरचनात्मक नियोजन
ऐसी योजना जिसमें लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कई संरचनात्मक सुधार करके योजना को लागू किया जाता है ।
प्रकार्यात्मक नियोजन
बिना किसी संरचनात्मक बदलाव के योजना करना पर कार्यात्मक नियोजन कहलाता है।
केंद्रीकृत नियोजन
किसी योजना की रूपरेखा एवं नियंत्रण प्रत्यक्ष रूप से केंद्र सरकार की होती है । स्थानीय सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।
विकेन्द्रीकृत नियोजन
जब कोई योजना की रूपरेखा तैयार करने में केंद्र सरकार के साथ-साथ स्थानीय सरकार की भी भूमिका होती है तो उसे विकेंद्रीकृत नियोजन कहते हैं।
योजना आयोग
योजना आयोग एक परामर्शदात्री संस्था है , जिसकी स्थपना 15 मार्च 1950 में की गई थी । प्रधानमंत्री आयोग के अध्यक्ष एवं अन्य मनोनीत सदस्य होते है ।
आयोग के कार्य -
- देश के संसाधनों का अनुमान लगाना ।
- संसाधनों के विदोहन एवं प्रयोग के लिए रणनीति बनाना।
- प्राथमिकताओं का निर्धारण करना , योजना का उद्देश्य तय करना ।
- योजना को सफल बनाने के लिए संभावित अवरोधों को दूर करने हेतु सरकार को उपाय बताना ।
नोट - अब योजना आयोग को समाप्त कर दिया गया है , उसकी स्थान पर नीति आयोग का गठन किया गया है ।
राष्ट्रीय विकास परिषद
इसकी स्थापना 6 अगस्त 1952 ।
यह एक गैर संविधिक निकाय है जिसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों एवं योजना आयोग के द्वारा आर्थिक नियोजन को सफल बनाने हेतु प्रयास करना है।
राष्ट्रीय विकास परिषद के प्रधानमंत्री पद इन अध्यक्ष होते हैं । केंद्रीय मंत्री परिषद के सभी सदस्य, योजना आयोग के सभी सदस्य ,राज्यों के मुख्यमंत्री एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक इसके सदस्य होते हैं।
राष्ट्रीय विकास परिषद के प्रमुख कार्य-
- योजना आयोग द्वारा तैयार की गई योजना को अंतिम रूप देना तथा उसे स्वीकृत करना।
- योजना आयोग की प्राथमिकताएं निर्धारण में परामर्श देना।
- योजना को प्रभावित करने वाले आर्थिक एवं सामाजिक घटकों की समीक्षा करना।
- राष्ट्रीय योजना के संचालन का समय समय पर मूल्यांकन करना।
नीति (NITI)आयोग
नीति आयोग का स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग के स्थान पर किया गया। NITI का पूरा नाम - the nation institution for transforming india .
आयोग की संरचना -
1.अध्यक्ष - देश के प्रधानमंत्री
2.उपाध्यक्ष - प्रधानमंत्री द्वारा नामित कोई व्यक्ति
3.गवर्निंग कॉउंसिल - राज्यों के मुख्यमंत्री एवं केंद्र शासित प्रदेश के राज्यपाल सदस्य होते है ।
4. क्षेत्रीय परिषद का गठन- एक से अधिक राज्यों की समस्याओं को सुनने के लिए क्षेत्रीय परिषद का गठन किया जाएगा जिसका कार्यकाल एक निश्चित अवधि के लिए होगा। इस परिषद के अध्यक्ष नीति आयोग के उपाध्यक्ष होंगे एवं सभी राज्य के राज्यपाल इसके सदस्य होंगे।
5. प्रधानमंत्री के द्वारा नामित किसी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ इसके सदस्य होंगे।

